भुक्तवा शत पदम् गछेत शनै
अर्थात जब भी रात्रि का भोजन कर लेवें उसके पश्चात धीरे धीरे १०० कदम जरूर चलना चाहिए , ऐसा करने से हमने जो भी भोजन किया है वो शिथिल हो जाता है, जिसके कारण भोजन का पाचन आसानी से होता है। साथ ही गर्दन, घुटना और कमर की पेशियों को आराम मिलता है।
१०० कदम चलने के पश्चात जब बिस्तर पर जाएं तब अपनी श्वास क्रिया को सामान्य रखते हुए:
- 8 श्वास लेने तक पीठ के बल सीधे सोएं उसके बाद
- 16 श्वास लेने तक दाहिने करवट सोएं, उसके बाद
- 32 श्वास लेने तक बाएं करवट सोएं।।
इतना करने के बीच यदि नींद आ जाए तो अच्छी बात है, अन्यथा इतनी प्रक्रिया के बाद जैसी इच्छा हो उस तरह सोएं।।
इस विधि से सोने से शरीर की सभी धातुएं सम हो जाती हैं और बल, वर्ण और सुख आयु की प्राप्ति होती है।

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